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<p>बीकानेर, 18 जुलाई। समाजसेवी, भामाशाह व धर्मनिष्ठ श्रावक स्वर्गीय चंपालाल डागा की स्मृति में शनिवार को जय नारायण व्यास कॉलोनी में महाराणा प्रताप पार...

पुरी रथ यात्रा में भगदड़, एक श्रद्धालु की मौत
सवाईमाधोपुर में खंडार उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरेड़ी में हल्का पटवारी पप्पू कोली का नामांतरण के बदले पैसे लेते हुए वीडियो सामने आया है। किसान से जमीन के नामांतरण के बदले नकदी लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पहले तय हुई रकम को लेकर बातचीत भी सुनाई दे रही है। मामले में पटवारी ने कहा कि वीडियो के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में परिवादी से कई बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल रिसिव नहीं किया। पहले 36 हजार मांगे, बाद में 15 हजार में हुआ सौदा जानकारी के अनुसार, 12 बीघा कृषि भूमि का नामांतरण कराने के लिए पहले 3 हजार रुपए प्रति बीघा के हिसाब से 36 हजार रुपए मांगे गए थे। बाद में 15 हजार रुपए में बात तय हुई। ग्रामीण बोले- बिना पैसे नहीं होते राजस्व के काम ग्रामीणों का आरोप है कि नामांतरण जैसे सामान्य राजस्व कार्य भी बिना पैसे दिए नहीं हो रहे हैं। किसानों को अपनी ही जमीन के वैध दस्तावेज बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और अवैध मांगों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण गौरी शंकर ने इसी पटवारी के खिलाफ पहले भी रिश्वत मांगने की शिकायत अधिकारियों से की थी। नामांतरण के लिए सरकार नहीं लेती कोई शुल्क राजस्व विभाग की ओर से भूमि नामांतरण की प्रक्रिया के लिए कोई सरकारी शुल्क तय नहीं है। यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। ऐसे में वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जब नामांतरण मुफ्त है तो फिर पैसे किस बात के लिए लिए जा रहे थे।

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ट्रम्प बोले-ईरान ने पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति को इज्जत दी: ईरान बोला- इस्लामाबाद समझौता अमेरिका की हार, ह... Dainik Bhaskar Iran-US Deal: ईरान-US समझौते पर राष्ट्रपति पेजेशकियन का बयान, बोले- समझौते की सफलता उसके लागू होने पर निर्भर Amar Ujala तय जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करना जरूरी मसूद पेजेश्कियन bhaskarhindi.com ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के साथ बातचीत की प्रभावशीलता पर टिप्पणी की। Vietnam.vn क़ालीबाफ़: "हमारी उंगली ट्रिगर पर है" Pars Today
कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना आज लगातार 1294वें दिन भी जारी रहा। समिति ने आज सुबह जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की मांग की है। इससे पहले, सरूण्ड थाना परिसर में समिति के प्रतिनिधियों और तहसीलदार रामधन गुर्जर, थानाधिकारी यशपाल गुर्जर व खनन विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी। लेकिन यह आश्वासन विफल साबित हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया- यदि एनजीटी के आदेशों का अक्षरशः पालन नहीं होता है, तो समिति 25 जून से जिला कलेक्ट्रेट पर फिर से महापड़ाव शुरू करेगी। यह महापड़ाव आदेशों की पूर्ण पालना होने तक जारी रहेगा। 03 नवंबर 2023 को अपने आदेश में तीन माह का समय शुक्लावास ने जानकारी दी कि एनजीटी ने विगत 03 नवंबर 2023 को अपने आदेश में तीन माह का समय दिया था। हालांकि, सात माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा इन आदेशों की पालना नहीं करवाई जा सकी है। समिति का आरोप है कि अल्ट्राटेक प्लांट आज भी गांव की स्कूल, आबादी और मंदिर से 250 से 300 मीटर की दूरी पर ब्लास्टिंग कर रहा है। रात में ध्वनि प्रदूषण और हाई मास्क लाइटें अभी तक नहीं हटाई गई हैं। रात में क्रेशर चलने से धूल उड़ती है और शोर होता है, जिससे ग्रामीण ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा हमेशा प्लांट के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। 08 जून को महापड़ाव की योजना बनाई थी समिति ने 08 जून को महापड़ाव की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने वार्ता कर एक सप्ताह का और समय मांगा था। प्रशासन द्वारा अपने वादे पर खरा न उतरने के कारण समिति को मजबूरन 25 जून से जिला कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव करना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान जिला कलेक्टर ने एनजीटी के आदेश की पालना करवाने का आश्वासन दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि पालना नहीं हुई तो महापड़ाव निश्चित रूप से किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास के साथ सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव और अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।