झुंझुनूं में मानसून की दूसरी पारी ने तो कमाल ही कर दिया! गुरुवार दोपहर करीब एक घंटे की ऐसी आंधी-बारिश आई कि गर्मी तो बिल में घुस गई, लेकिन शहर के कोने-कोने में पानी का कब्जा हो गया। मानों नगर परिषद ने सड़कों को 'स्विमिंग पूल' बनाने का फैसला कर लिया हो!
दोपहर 3:30 बजे के आसपास आसमान से बादल ऐसे बरसे, जैसे ऊपर कोई पाइप लाइन फट गई हो। आंधी के साथ आई इस बारिश ने एक तरफ तो उमस से परेशान लोगों को 'ओह, इतनी राहत!' कहलवा दिया, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे।
लेकिन दूसरी तरफ, शहर के प्रमुख चौराहे और निचले इलाके घुटनों तक पानी में डूब गए। अब लोग सोच रहे हैं कि नगर परिषद के 'स्मार्ट सिटी' वाले दावों का क्या हुआ? सड़कें दिख नहीं रही थीं, सिर्फ पानी ही पानी था। अब जनता पूछ रही है: 'आखिर हम तैरकर जाएं या नाव लेकर?' फिलहाल, प्रशासन को जवाब देना होगा, वर्ना अगली बार शायद 'जलयान' का ही इस्तेमाल करना पड़े!
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